Rasoollallah Sallallahu Alaihi Wa Sallam Ne Farmaya

Rasoollallah Sallallahu Alaihi Wa Sallam Ne Farmaya.

  • अबु हुरैरह रदिअल्लाह अन्हु से रिवायत है की रसूल्लल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया।जब अल्लाह पाक ने आदम अलैहि सलाम को पैदा किया तो उनको 60 हाथ लम्बा बने पीर फ़रमाया की जा और उन फरिश्तों को सलाम कर, देखना किन लफ़्ज़ों मैं वो सलाम का जवाब देते हैं क्योंकि वही तुम्हारा और तुम्हरी अवलाद तरीका ए सलाम होगा आदम अलैहि सलाम गए और कहा अस्सलामो अलैकुम फरिश्तों ने जवाब दिया अस्सलामो अलैकुम वरहमतुल्लाह उन्होंने वरहमतुल्लाह का जुमला बड़ा दिया। जो कोई भी जन्नत में दाखिल होगा वो आदम अलैहि सलाम की शकल और क़द पर दाखिल होगा। आदम अलैहि सलाम के बाद इंसाने के क़ैद छोटे होते रहे हैं.  -:शाही बुखारी, वॉल्यूम – 4, 3326:-

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  • हज़रत अबु हुरैरह रदिअल्लाह अन्हु से रिवायत है की रसूल्लल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया।
    अल्लाह रब्बुलिज़्ज़त फ़रमाता है की, मैं अपने बन्दों के गुनाह के मुतलक़ीक़ उन से मुआ’अमेलाह करता हूँ – जब वोह मुझे याद करता है तो मैं उसके साथ होता हो – अगर वो अपने दिल में मुझे याद करता है तो मैं भी अपने दिल में उससे याद करता हूँ – अगर वो मुझे किसी गिरोह में याद करता है तो मैं भी उससे ऐसी जमात (फरिश्तो की जमात) में याद करता हूँ जो उनसे बेहतर है – और अगर वोह एक हाथ मुझ से क़रीब होता है तो मैं ४ हाथ उससे करीब होता हूँ, और अगर वह मेरी तरफ चल कर आता है मैं (मेरी रहमत) उस की तरफ दौड़ कर अत हूँ. -:शाही बुखारी, जिल्द 3 हदीस  – 2308

Agar wo apne dil me mujhe yaad karta hai To main bhi apne dil me usse yaad karta ho.

  • अल मुग़ीरा बिन शुबा रदियल्लाहु अन्हु से रिवायत है की रसूलल्लाल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया।
    अल्लाह पाक ने फ़िज़ूल बात करने को, ज़्यादा सवाल करने को और माल जाया (फ़िज़ूल खर्ची) करने को नापसंद बताया है  -:शाही बुखारी, वॉल्यूम 3, 2408
  • अबिस बिन रबीअ रदी अल्लाहु अन्हु से रिवायत है की हज़रत उमर रदी अल्लाहु अन्हु हजर-ए-अस्वद के पास आये और उसे बोसा दिया और फ़रमाया की मैं खूब जनता हूँ तू एक पथ्थर है, न किसी को नुक्सान पंहुचा सकता है न नफ़ा, अगर रसूलअल्लाह सल्लल्लाहो अलैहि व सल्लम को तुझ बोसा देते हुए (चूमते हुए) न देखता तो मैं तुझे कभी बोसा नहीं देता।  -:शाही बुखारी, वॉल्यूम 2, 1597

Yakinan Qabira gunah me ye bhi hai ki koi shaksh apne waldein par lanat bheje.

  • अब्दुल्लाह बिन उम्र रदी अल्लाहु अन्हुमा से रिवायत है की रसूल्लल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया।
    यकीनन कबीरा गुनाहों मैं ये भी है की कोई शक्श अपने वालदैन (माँ-बाप) पर लानत भेजे, पूछा गया या रसूल्लल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम कोई शक्श अपने ही वालदैन पर कैसे लानत भेजेगा, आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया कोई शक्श दुसरो के वालिद को बुरा कहेगा तो दूसरा भी उसके वालिद और माँ को बुरा कहेगा. -:शाही बुखारी, वॉल्यूम 7, 5973

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