Behtar Koun Duniya Ya Akhirat

Behtar Koun Duniya Ya Akhirat अल्लाह पाक ने ही दुनिया बनाई व बसाई और उसमे अपनी इबादत के लिए इन्शानो को पैदा फ़रमाया। हर आने वाला एक मुक़र्रर वक़्त के लिए दुनिया में आता है और वक़्त पूरा होते ही मौत की गोद में चला जाता है मौत के बाद उससे एक नयी ज़िन्दगी मिलेगी […]

Khidmate Khalq Ki Ahmiyat

Khidmate Khalq Ki Ahmiyat. इस्लाम में खिदमते खलक की बड़ी अहमियत है. इससे भी इबादत करार किया गया है इस्लाम पूरी इंसानी समाज को एक खानदान मानता है इसलिए तो अल्लाह के रसूल ने फ़रमाया – सारी मख्लूक़ अल्लाह का क़ुबा है. अल्लाह को सब से जाएदा वह आदिमी पसंद है जो उसकी मख्लूक़ के […]

Akharat Ka Ghar Jannat

Akharat Ka Ghar Jannat अल्लाह पाक ने मोमिन बन्दों पर तरह तरह की इबादतें फ़र्ज़ फ़रमाई है और उसके बदले उन्हें आख़िरत में जन्नत अता फरमाने की खुशखबरी सुनाई है जहा उनकी हर खुवाहिस पूरी की जाएगी। लेकिन यह भी ताकीद की गयी की जन्नत पाने की तमन्ना में इबादत नहीं करनी चाहिए बल्कि रब […]

Umme Momenin Hazrat Bibi Ayesha Siddiq

Umme Momenin Hazrat Bibi Ayesha Siddiq आप अमीरुलमोमेनीन हज़रत अबु बक्र सिद्दीक़ रदियल्लाह अन्हो की बेटी है. आपकी माँ का नाम उम्मे रूमान था. आप मक्का शरीफ में पैदा हुई थी. हिज़रत के वक़्त आप बहुत छोटी थी. मक्का के हंग्गामी हालात और कुफ़्फ़ारे कुरैश की जयदति व जुल्म आप के पेशे नज़र थे. उन्ही […]

Ramzan Ki Nafil Ibadat

Ramzan Ki Nafil Ibadat. रमजान की नफिल इबादतें रमजान इबादत का महीना है. इस मुबारक महीने में अल्लाह के बन्दे अपने रब का इनाम पाने के लिए नफिल इबादत करते है. ११ महीने मस्जिद से दूर रहने वाले, बड़े से बड़ा गुनाहगार भी अल्लाह की रहमत पर यकीन रखता होवा अल्लाह के घर में अपने […]

Sar Dhakna Adab Hai

Sar Dhakna Adab Hai. सर ढकना अदब है सर ढकना अदब की अलामत है निशानी है, यहाँ हमारी शान व पहचान भी है हमारे कुछ मुस्लिम भाइयों की यह सोच बन गयी है की सर ढकना तो शिर्फ़ नमाज़ में ही ज़रूरी है, बल्किएक जमात तो अब नग्गे सर नमाज़ पड़ने में फकर महसूस करती […]

Quran ki tilawat

Quran ki tilawat ho rahi ho to khamoshi ke sath sunna wajib hai. Tilawat  karne wale sawab to milta hi hai, sunne walo ko bhi sawab milta hai. Jo log tilawat ke dawran khamosh nahi rahete, usse sunte nahi, waha gunahgaar hote hai. Isliye namaz mai jab imaan sahab Qurani suratein ayeate padh rahe hote […]

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