Khidmate Khalq Ki Ahmiyat

khidmate-khalq-ki-ahmiyat

Khidmate Khalq Ki Ahmiyat. इस्लाम में खिदमते खलक की बड़ी अहमियत है. इससे भी इबादत करार किया गया है इस्लाम पूरी इंसानी समाज को एक खानदान मानता है इसलिए तो अल्लाह के रसूल ने फ़रमाया – सारी मख्लूक़ अल्लाह का क़ुबा है. अल्लाह को सब से जाएदा वह आदिमी पसंद है जो उसकी मख्लूक़ के […]

Akharat Ka Ghar Jannat

noori-masjid

Akharat Ka Ghar Jannat अल्लाह पाक ने मोमिन बन्दों पर तरह तरह की इबादतें फ़र्ज़ फ़रमाई है और उसके बदले उन्हें आख़िरत में जन्नत अता फरमाने की खुशखबरी सुनाई है जहा उनकी हर खुवाहिस पूरी की जाएगी। लेकिन यह भी ताकीद की गयी की जन्नत पाने की तमन्ना में इबादत नहीं करनी चाहिए बल्कि रब […]

Umme Momenin Hazrat Bibi Ayesha Siddiq

umme-momenin-hazrat-bibi-ayesha-siddiq

Umme Momenin Hazrat Bibi Ayesha Siddiq आप अमीरुलमोमेनीन हज़रत अबु बक्र सिद्दीक़ रदियल्लाह अन्हो की बेटी है. आपकी माँ का नाम उम्मे रूमान था. आप मक्का शरीफ में पैदा हुई थी. हिज़रत के वक़्त आप बहुत छोटी थी. मक्का के हंग्गामी हालात और कुफ़्फ़ारे कुरैश की जयदति व जुल्म आप के पेशे नज़र थे. उन्ही […]

Hadith Sharif

HADITH-E-BUKHARI-SHARIF

Hadith Sharif (1) हज़रत मोहम्मद सल्लल्लाहो अलैय व सल्लम ने फ़रमाया! जिसने हम मुसलमनो पर हथ्यार उठाया वो हम से नहीं है. (७०७०: जिल्द ८: शाही बुखारी शरीफ) (2) हज़रत मोहम्मद सल्लल्लाहो अलैय व सल्लम ने फ़रमाया! मुस्लमान को गली देना फसक है और उसको क़तल करना कुफर है. (७०७६: जिल्द ८: शाही बुखारी शरीफ) [4] हज़रत […]

Ramzan Ki Nafil Ibadat

ramazan-ki-nafil-ibadatein

Ramzan Ki Nafil Ibadat. रमजान की नफिल इबादतें रमजान इबादत का महीना है. इस मुबारक महीने में अल्लाह के बन्दे अपने रब का इनाम पाने के लिए नफिल इबादत करते है. ११ महीने मस्जिद से दूर रहने वाले, बड़े से बड़ा गुनाहगार भी अल्लाह की रहमत पर यकीन रखता होवा अल्लाह के घर में अपने […]

Zara Socho To Sahi

zara-socho-to-sahi

Zara Socho To Sahi. ज़रा सोचो तो सही ज़रा ये तो मुझे समझो, की जब कोई मूवी या हीरो की पोस्ट हम देखते है तो उस पेज पर शामिल जाएदा से जाएदा लोग उससे लिखे करते है, पर जब एक इस्लामिक पेज पर कोई पोस्ट होती है तो उस इस्लामिक पेज की पोस्ट पर ७% […]

Sar Dhakna Adab Hai

sar-dhakna-adab-hai-aur-izzat-bhi

Sar Dhakna Adab Hai. सर ढकना अदब है सर ढकना अदब की अलामत है निशानी है, यहाँ हमारी शान व पहचान भी है हमारे कुछ मुस्लिम भाइयों की यह सोच बन गयी है की सर ढकना तो शिर्फ़ नमाज़ में ही ज़रूरी है, बल्किएक जमात तो अब नग्गे सर नमाज़ पड़ने में फकर महसूस करती […]

© 2010 - 2014 Digital Hadith by Iqbal Siddiqui | Sitemap | Archives