Kuch Khubsurat Baate Wa Khayalat Peshe Nazar – Iqbal Siddiqui

Kuch Khubsurat Baate Wa Khayalat Peshe Nazar हम सभी को सब से इज़्ज़त से बात करनी चाहिए, कभी ये नहीं सोचना चाहिए की सामने वाले हमसे अच्छे से बात कर रहा है की नहीं, अगर वो हमसे अच्छे से बात नहीं भी कर रहा है तभी हमें उससे सलाम करना ही चाहिए। इंसान के अंदर […]

Rasoollallah Sallallahu Alaihi Wa Sallam Ne Farmaya

Rasoollallah Sallallahu Alaihi Wa Sallam Ne Farmaya. अबु हुरैरह रदिअल्लाह अन्हु से रिवायत है की रसूल्लल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया।जब अल्लाह पाक ने आदम अलैहि सलाम को पैदा किया तो उनको 60 हाथ लम्बा बने पीर फ़रमाया की जा और उन फरिश्तों को सलाम कर, देखना किन लफ़्ज़ों मैं वो सलाम का जवाब देते […]

Abu Hurairah Radi Allahu Anhu Se Rivayat Hai

Abu Hurairah Radi Allahu Anhu Se Rivayat Hai. (1) अबु हुरैरह रदी अल्लाहु अन्हु से रिवायत है की रसूल अल्लाह सल्लाह हो अलैय व सल्लम ने फ़रमाया। अल्लाह तालाह फ़रमाता है की इंसान ज़माने (वक़्त को) बुरा कहता है जबकि मैं ही ज़माना हु और मेरे ही हाथ मैं रात दिन है. (शाही बुखारी, वॉल्यूम […]

Khidmate Khalq Ki Ahmiyat

Khidmate Khalq Ki Ahmiyat. इस्लाम में खिदमते खलक की बड़ी अहमियत है. इससे भी इबादत करार किया गया है इस्लाम पूरी इंसानी समाज को एक खानदान मानता है इसलिए तो अल्लाह के रसूल ने फ़रमाया – सारी मख्लूक़ अल्लाह का क़ुबा है. अल्लाह को सब से जाएदा वह आदिमी पसंद है जो उसकी मख्लूक़ के […]

Akharat Ka Ghar Jannat

Akharat Ka Ghar Jannat अल्लाह पाक ने मोमिन बन्दों पर तरह तरह की इबादतें फ़र्ज़ फ़रमाई है और उसके बदले उन्हें आख़िरत में जन्नत अता फरमाने की खुशखबरी सुनाई है जहा उनकी हर खुवाहिस पूरी की जाएगी। लेकिन यह भी ताकीद की गयी की जन्नत पाने की तमन्ना में इबादत नहीं करनी चाहिए बल्कि रब […]

Umme Momenin Hazrat Bibi Ayesha Siddiq

Umme Momenin Hazrat Bibi Ayesha Siddiq आप अमीरुलमोमेनीन हज़रत अबु बक्र सिद्दीक़ रदियल्लाह अन्हो की बेटी है. आपकी माँ का नाम उम्मे रूमान था. आप मक्का शरीफ में पैदा हुई थी. हिज़रत के वक़्त आप बहुत छोटी थी. मक्का के हंग्गामी हालात और कुफ़्फ़ारे कुरैश की जयदति व जुल्म आप के पेशे नज़र थे. उन्ही […]

Hadith Sharif

Hadith Sharif (1) हज़रत मोहम्मद सल्लल्लाहो अलैय व सल्लम ने फ़रमाया! जिसने हम मुसलमनो पर हथ्यार उठाया वो हम से नहीं है. (७०७०: जिल्द ८: शाही बुखारी शरीफ) (2) हज़रत मोहम्मद सल्लल्लाहो अलैय व सल्लम ने फ़रमाया! मुस्लमान को गली देना फसक है और उसको क़तल करना कुफर है. (७०७६: जिल्द ८: शाही बुखारी शरीफ) [4] हज़रत […]

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