Kya Makkah Mai Selfie Lena Sahi hai

Kya Makkah mai Selfie Lena Sahi hai आप तमाम हज़रात से एक सवाल पेश करना चाहता हो उम्मीद है आप अपनी अपनी राय जरूर कायम करेंगे। मेरे सवाल ये है के क्या हम जब उमराह या हज के लिए जाते है तो अक्सर देखा जाता है एक रिवाज़ बन गया है की कई हज़रात वह […]

Mohammed Sallallaho Alayhi Wasallam Ne Farmaya

Mohammed Sallallaho Alayhi Wasallam Ne Farmaya. इब्न अब्बास रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की रसूल-अल्लाह सललल्लाहू अलैही वसल्लम ने ज़कात-उल-फित्र को बेकार और बेहूदा बात से रोज़ को पाक करने और मिस्कीनो की परवरिश के लिए मुक़रार फ़रमाया है जो शख्स ईद की नमाज़ से पहले इसे अदा करेगा वो ज़कात की तरह क़ुबूल […]

Eid Ki Namaz wa Eid Ki Sunnate

Eid Ki Namaz wa Eid Ki Sunnate ईद की सुन्नतें 1. नमाज़ ए ईद से पहले सदक़ा ए फ़ित्र अदा करना । [मुस्लिम] 2. गुस्ल करना । [बैहक़ी] 3. अच्छा कपड़ा पहनना । [बैहक़ी] 4. खुशबू लगाना । [हाकिम] 5. नमाज़ ए ईद के लिये जाने से पहले ताक़ [1,3,5,7] खजूर खाना । [बुखारी] 6. […]

Kuch Khubsurat Baate Wa Khayalat Peshe Nazar – Iqbal Siddiqui

Kuch Khubsurat Baate Wa Khayalat Peshe Nazar हम सभी को सब से इज़्ज़त से बात करनी चाहिए, कभी ये नहीं सोचना चाहिए की सामने वाले हमसे अच्छे से बात कर रहा है की नहीं, अगर वो हमसे अच्छे से बात नहीं भी कर रहा है तभी हमें उससे सलाम करना ही चाहिए। इंसान के अंदर […]

Rasoollallah Sallallahu Alaihi Wa Sallam Ne Farmaya

Rasoollallah Sallallahu Alaihi Wa Sallam Ne Farmaya. अबु हुरैरह रदिअल्लाह अन्हु से रिवायत है की रसूल्लल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया।जब अल्लाह पाक ने आदम अलैहि सलाम को पैदा किया तो उनको 60 हाथ लम्बा बने पीर फ़रमाया की जा और उन फरिश्तों को सलाम कर, देखना किन लफ़्ज़ों मैं वो सलाम का जवाब देते […]

Abu Hurairah Radi Allahu Anhu Se Rivayat Hai

Abu Hurairah Radi Allahu Anhu Se Rivayat Hai. (1) अबु हुरैरह रदी अल्लाहु अन्हु से रिवायत है की रसूल अल्लाह सल्लाह हो अलैय व सल्लम ने फ़रमाया। अल्लाह तालाह फ़रमाता है की इंसान ज़माने (वक़्त को) बुरा कहता है जबकि मैं ही ज़माना हु और मेरे ही हाथ मैं रात दिन है. (शाही बुखारी, वॉल्यूम […]

Khidmate Khalq Ki Ahmiyat

Khidmate Khalq Ki Ahmiyat. इस्लाम में खिदमते खलक की बड़ी अहमियत है. इससे भी इबादत करार किया गया है इस्लाम पूरी इंसानी समाज को एक खानदान मानता है इसलिए तो अल्लाह के रसूल ने फ़रमाया – सारी मख्लूक़ अल्लाह का क़ुबा है. अल्लाह को सब से जाएदा वह आदिमी पसंद है जो उसकी मख्लूक़ के […]

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